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Ekadashi, its importance in Vedic astrology, and how fasting on this sacred lunar day
Ritual & Traditions

The 24 Ekadashis: A Complete Guide to Sacred Fasts

The 24 Ekadashis: A Complete Guide to Sacred Fasts Did You Know?Each Ekadashi falls on a specific lunar phase. Mark your calendar and observe the fast that aligns with your heartfelt wish—be it children, health, victory, or liberation.How to Observe: Fast from grains, beans, and spices. Chant Vishnu Sahasranama or “Om Namo Bhagavate Vasudevaya”. Donate food or clothes on Dwadashi (next day). Break your fast after sunrise. “Ekadashi is the boat that takes the soul across the ocean of samsara.” The 24 Sacred EkadashisEkadashi, the 11th lunar day, appears 24 times a year-12 in Shukla Paksha (waxing moon) and 12 in Krishna Paksha (waning moon). The cycle begins with Utpanna (origin) and ends with Papavimochani (sin destroyer). Mokshada grants liberation; Saphala brings success. Putrada (Pausha & Shravana) blesses with children. Satilla involves sesame charity. Jaya & Vijaya ensure victory. Amalaki venerates the gooseberry tree. Papmochani & Papankusha erase sins. Kamada fulfills desires; Varuthini prevents misfortune; Mohini breaks illusion; Apara removes heavy karma. Nirjala (waterless fast) gives all merits. Yogini heals. Devshayani starts Vishnu’s sleep; Devuthana awakens Him. Kamika, Parsha/Vamana, Indira (for ancestors), and Rama complete the 24. Click here

Hora shastra with astrology
Astrology Guide

Hora क्या है?

होरा विद्या – सफलता की ग्रहीय घड़ी होरा वैदिक ज्योतिष का एक टूल है जो दिन-रात को 24 ग्रहीय घंटों में बांटता है। हर घंटे पर एक ग्रह का राज होता है। सही ग्रह के घंटे में काम करें – बेहतर परिणाम पाएं।कैसे काम करती है:सूर्योदय के समय पहला होरा उस दिन के ग्रह का होता है (रविवार = सूर्य, सोमवार = चंद्र…)। उसके बाद यह क्रम चलता है:सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल किस होरा में क्या करें: सूर्य होरा → सरकारी काम, नेतृत्व चंद्र होरा → परिवार, मन की बात मंगल होरा → प्रतियोगिता, संपत्ति बुध होरा → व्यापार, सौदे गुरु होरा → पूजा, निवेश शुक्र होरा → प्रेम, विलासिता शनि होरा → अनुशासन, दीर्घकालिक काम होरा सीखें

Raghuman Astrology
Astrology Guide

ज्योतिष में राशियों के वर्ण

ज्योतिष में राशियों के वर्ण, रंग और द्रव्य ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बारह राशियों का वर्ण (जाति), रंग और द्रव्य (पदार्थों) के आधार पर वर्गीकरण किया गया है: ब्राह्मण राशियाँ (कर्क, वृश्चिक, मीन), क्षत्रिय राशियाँ (मेष, सिंह, धनु), वैश्य राशियाँ (मिथुन, तुला, कुम्भ) और शूद्र राशियाँ (वृष, कन्या, मकर) हैं। मेष से मीन तक क्रमशः रंग इस प्रकार हैं: लाल, गौर, तोते के समान हरा, पाटला, भूमिपाण्डु, रंग-बिरंगा, श्याम, सुनहला, पिंगल, चितकबर, भूरा और उज्ज्वल। इन राशियों के द्रव्यों में वस्त्र, चावल, वनफल, कंद, प्रमुख अनाज, छाल, मुद्रागृह, तिल और लोहा आदि प्रमुख हैं। यह वर्गीकरण वृहज्जातक और सारावली जैसे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है तथा जातक विचार, मुहूर्त और प्रश्न ज्योतिष में प्रयुक्त होता है। Click here

Kakini Vichar
Vastu Guide

Kakini Vichar

Kakini Vichar ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में “काकिणी” का विशेष स्थान है, जो प्रायः भूमि मापन, दिशा निर्धारण और शुभ-अशुभ फलों की गणना से जुड़ा है। यह विचार विशेष रूप से ग्रहों की स्थिति और ऊर्जा के संतुलन को दर्शाने वाला माना जाता है। वास्तु में काकिणी का प्रयोग भूखंड के दोष निवारण, वास्तु पुरुष मंडल के आलेखन और निवास के विभिन्न क्षेत्रों (कोणों) में होने वाले प्रभावों के आकलन के लिए किया जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से काकिणी विचार का उपयोग प्रश्न कुंडली (होरा प्रश्न) या मुहूर्त निकालते समय किसी विशेष दिशा में स्थित ऊर्जा या बाधा को समझने के लिए किया जाता है, जिससे शुभ कार्यों के लिए सही दिशा और समय का चयन किया जा सके। In Vedic astrology and Vastu Shastra, the “Kākiṇī” principle holds significant importance, often associated with land measurement, directional alignment, and assessing auspicious or inauspicious results. In Vastu, it is used for rectifying plot defects, mapping the Vastu Purusha Mandala, and analyzing the energy flow in different corners of a building. Astrologically, the Kākiṇī principle is applied in Prashna (horary) astrology and Muhurta (electional astrology) to understand directional energies or potential obstacles, ensuring the selection of the correct orientation and timing for auspicious events and architectural constructions. Get Complete Insights

Teej puja worshipping Lord Shiva and Goddess Parvati
Festival Significance

Teej Festival

तीज का त्यौहार तीज भारत का एक प्रमुख हिन्दू पर्व है, जिसे खासकर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और प्रेम के लिए मनाती हैं। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक है। यह मुख्य रूप से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और हरियाणा में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं, पूजा करती हैं, मेहंदी लगाती हैं और झूले का आनंद लेती हैं। 🔶 तीज के प्रकार🟠 हरियाली तीज: सावन में मनाई जाती है, हरियाली और झूलों का विशेष महत्व होता है।🟠 कजरी तीज: भाद्रपद में आती है, इसमें महिलाएं कजरी गीत गाती हैं।🟠 हरतालिका तीज: इसमें कठोर व्रत और शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।

Vedic Astrology – Understanding Life Through Planets & Stars
Astrology Guide

Astrology

Astrology (ज्योतिष शास्त्र) ज्योतिष शास्त्र का महत्व  ज्योतिष शास्त्र वेदों का महत्वपूर्ण अंग है, जिसे “वेदों की आँख” कहा जाता है। यह सूर्य, चन्द्र, ग्रह और नक्षत्रों की गति के आधार पर समय और जीवन की दिशा समझाता है।  यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि Astronomy + Mathematics + Spiritual Science का समन्वय है।  ज्योतिष के तीन मुख्य स्तंभ सिद्धांत: ग्रहों की सटीक गणना (Time & Astronomy) संहिता: समाज, प्रकृति और राष्ट्र से जुड़ी भविष्यवाणियां होरा: व्यक्ति की कुंडली से जीवन का मार्गदर्शन ज्योतिष क्या देता है? करियर, विवाह, स्वास्थ्य, धन और जीवन के निर्णयों में सही दिशा ग्रहों और समय के अनुसार संतुलित जीवन का मार्ग  विशेष ज्ञान सूर्य सिद्धांत ज्योतिष की गणना का आधार है प्राचीन आचार्य वराहमिहिर ने इसे व्यवस्थित रूप दिया

Karwa chaturthi Vrat
Festival Significance, Vrat & Upavas

Karva Chouth

Karva Chouth करवा चौथ एक महत्वपूर्ण हिन्दू व्रत है, जिसे विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, सुख और समृद्धि के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ रखती हैं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रदर्शन तक निर्जला उपवास करती हैं और शाम को विधिपूर्वक पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करती हैं। यह पर्व वैवाहिक जीवन में प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का सुंदर प्रतीक है। 🟠 पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।🟠 सौभाग्य, सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद प्रदान करता है।🟠 महिलाओं की श्रद्धा, त्याग और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है।

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भारतीय त्योहार और उत्सव

भारत को त्योहारों की भूमि कहा जाता है क्योंकि यहाँ हर पर्व हमारी संस्कृति, आस्था और परंपरा का प्रतीक है। भारतीय त्योहार लोगों को एक साथ लाते हैं और जीवन में उत्साह, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। होली, दिवाली जैसे आनंदमय त्योहारों से लेकर नवरात्रि, जन्माष्टमी और महाशिवरात्रि जैसे आध्यात्मिक पर्व तक, प्रत्येक त्योहार के पीछे एक विशेष कथा, पूजा-विधि और परंपरा जुड़ी होती है जो सदियों से चली आ रही है। भारतीय त्योहार केवल उत्सव नहीं हैं बल्कि वे प्रकृति के प्रति आभार, ऋतुओं के परिवर्तन और दिव्य शक्तियों की आराधना का प्रतीक भी हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही त्योहार को अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है, जो भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाता है। इस पृष्ठ पर आप भारतीय त्योहारों का महत्व, उनसे जुड़ी कथाएँ, पूजा विधि और परंपराएँ विस्तार से जान सकते हैं। 🟠 भारत के प्रमुख त्योहार:भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख हिंदू त्योहारों में दीपावली, होली, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा (विजयदशमी), जन्माष्टमी, राम नवमी, महाशिवरात्रि, गणेश चतुर्थी, मकर संक्रांति, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, करवा चौथ, रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा, नाग पंचमी, गणगौर, तीज, वट सावित्री व्रत और एकादशी पर्व शामिल हैं। इसके अलावा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पोंगल, बैसाखी, ओणम, लोहड़ी और बिहू जैसे फसल और क्षेत्रीय त्योहार भी बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। अन्य प्रमुख त्योहारों में बुद्ध पूर्णिमा, महावीर जयंती, और गुरु नानक जयंती भी शामिल हैं।Indian Festival

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