Loading...
Mon - Fri 10:00 AM - 6:00 PM | Sat, Sun- Closed
info@raghuman.com
नित्य पूजा विधि

नित्य पूजा विधि

नित्य पूजा घर पर आसानी से की जा सकती है। यह दैनिक जीवन में शांति और सकारात्मकता लाती है। इसे ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके करें। पूजा के प्रकारों में पंचोपचार या षोडशोपचार चुन सकते हैं, लेकिन सरल रूप में उपलब्ध सामग्री से करें।आवश्यक सामग्रीरोली, चन्दन, अक्षत, दूध, दही, घी, शहद, शकर, गंगाजल, इत्र, जनेऊ, मौली, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, दीपक, पंचमेवा, फल, नारियल, गुलाल, दूर्वा, बेलपत्र, पुष्प। यदि सब न हों तो उपलब्ध से काम चलाएं।पूजा के चरण और मंत्रपवित्रीकरण: आसन बिछाकर बाएं हाथ में जल लेकर ऊपर छिड़कें।

मंत्र: ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपिवा । यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्यभ्यन्तरः शुचिः ॥

आचमन: उलटे हाथ में जल लेकर बोलें।
मंत्र: ऊँ माधवाय नमः, ऊँ केशवाय नमः, ऊँ नारायणाय नमः। फिर ऊँ हृषिकेषाय नमः बोलकर हाथ धोएं।

आसन पूजा: रोली, अक्षत, पुष्प से त्रिकोण बनाएं।
मंत्र: ऊँ पृथ्वि त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरू चासनम्।।

शिखा बंधन: शिखा स्पर्श करें।
मंत्र: ॐ चिद्रूपिणी महामाये दिव्यतेजः समन्विते। तिष्ठ देवि शिखामध्ये तेजोवृद्धिं कुरूष्व मे ॥

प्राणायाम: सांस नियंत्रण करें।
मंत्र: ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः ॐ महः ॐ जनः ॐ तपः ॐ सत्यम् । ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।

न्यास: शरीर के भाग स्पर्श करें।
मंत्र: ॐ वाङ्मे आस्येऽस्तु (मुख), ॐ नसोर्मे प्राणोऽस्तु (नासिका), आदि।

दिग्बन्धन: सरसों या जल छिड़कें।
मंत्र: ॐ अपसर्पन्तु ते भूता: ये भूता: भूमि संस्थिता: ।

संकल्प: अक्षत, जल, चन्दन लेकर। पूर्ण संकल्प मंत्र “ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः” करें।

गणपति पूजन: सामग्री अर्पित करें।
मंत्र: गजाननं भूतगणादिसेवितं… ॐ गणानां त्वा गणपति गूम हवामहे…

शिव, दुर्गा, विष्णु, गुरु, नवग्रह पूजन: क्रम से ध्यान, आवाहन, सामग्री अर्पित करें।

कलश स्थापना: कलश जल से भरें, पुष्प, अक्षत डालें।

आरती करें, फल-भोग चढ़ाएं और प्रार्थना के साथ समाप्त करें।

नित्य विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि आती है, आध्यात्मिक शक्ति मिलती है, मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

Gayatri Mantra

Om, Bhur Bhuva Swaha, Tat Savitur Varenyam, Bhargo Devasya Dheemahi, Dhiyo Yo Nah Prachodayat

We meditate on the divine light of the Sun; may it guide our intellect.

Improves focus, wisdom, and inner peace.